A PHP Error was encountered

Severity: Notice

Message: Trying to get property 'primary_font' of non-object

Filename: models/Settings_model.php

Line Number: 345

Backtrace:

File: /home/371803.cloudwaysapps.com/vktemsbadr/public_html/application/models/Settings_model.php
Line: 345
Function: _error_handler

File: /home/371803.cloudwaysapps.com/vktemsbadr/public_html/application/core/Core_Controller.php
Line: 69
Function: get_selected_fonts

File: /home/371803.cloudwaysapps.com/vktemsbadr/public_html/application/core/Core_Controller.php
Line: 115
Function: __construct

File: /home/371803.cloudwaysapps.com/vktemsbadr/public_html/application/controllers/Home_controller.php
Line: 8
Function: __construct

File: /home/371803.cloudwaysapps.com/vktemsbadr/public_html/index.php
Line: 332
Function: require_once

CPA Build A Road By Eliminating Dense Forest, Walmi Objected -
login register

Search

CPA Build A Road By Eliminating Dense Forest, Walmi Objected

CPA  Build A Road By Eliminating Dense Forest, Walmi Objected

कलियासोत के पास लगभग 100 एकड़ क्षेत्र में फैली मप्र जल एवं भूमि प्रबंध संस्थान (वाल्मी) के वाल्मी ईकोलॉजिकल पार्क के अंदर से सीपीए सड़क बनाने की तैयारी कर चुका है। इसके लिए लगभग तीन वर्ष पूर्व सीपीए ने वाल्मी को भरोसे में लिए बगैर दानिश हिल्स के पास पुल का निर्माण कर लिया। इस पुल से निकलने वाला रास्ता वाल्मी हिल्स से होकर गुजरना प्रस्तावित है। 

पर्यावरणविद राशिद नूर खान के मुताबिक यदि इस परिसर से सड़क का निर्माण किया गया तो इस क्षेत्र में पनप रहा वन्य जीवन बुरी तरह प्रभावित हो जाएगा। साथ ही यहां मानव गतिविधियां बढ़ने से जंगली जानवर प्रभावित होंगे। कुछ समय में यहां की वनस्पतियां भी नष्ट होने लगेंगी। यही मुख्य कारण है जिसकी वजह से शहर के पर्यावरणविदों के साथ वाल्मी के अधिकारी भी सड़क निर्माण के खिलाफ हैं। 


पर्यावरणविदों की मानें तो कुछ बिल्डरों को फायदा पहुंचाने को लेकर इस जगह से सड़क प्रस्तावित की गई है। सड़क बनाने के पहले राजधानी परियोजना प्रशासन ने वाल्मी को भरोसे में नहीं लिया। साथ ही कोलार के बढ़ते ट्रैफिक को मैनेज करने के लिए मुख्य सड़क के चौड़ीकरण की बात जानकारों के द्वारा कही जा रही है।  

दानिश हिल्स से एक्सीलेंस कॉलेज के पास निकलेगी यह सड़क : 
यह सड़क दानिश हिल्स के सामने निर्मित पुल से होकर वाल्मी ईकोलॉजिकल पार्क से होते हुए एक्सीलेंस कॉलेज के पास से निकलेगी। जिसका लाभ दानिश हिल्स पर स्थित अमरनाथ कॉलोनी, साईं हिल्स, महाबली नगर, सागर ग्रीन्स सहित कई अन्य कॉलोनियों को भी होगा। इन चुनिंदा कॉलोनियों को लाभ पहुंचाने की एवज में सीपीए जंगली जानवरों से उनका आवास छीनने की तैयारी कर चुका है। 

शहर की 40 प्रतिशत ऑक्सीजन की आपूर्ति यहीं से : 
शहर की 40 प्रतिशत ऑक्सीजन की आपूर्ति कलियासोत क्षेत्र से होती है, लेकिन पिछले दो दशकों में कोलार में लगातार निर्माण कार्य के चलते यहां के फॉरेस्ट एरिया को बड़े स्तर पर खत्म कर दिया गया है। साक्षी ढाबे से कलियासोत जाने वाली सड़क के बाद इसी के समानांतर एक अन्य सड़क का निर्माण भी किया गया है, जो अमरनाथ कॉलोनी से रातीबढ़ को जोड़ती है।


यदि इन दोनों समानांतर सड़कों को जोड़ने वाली सड़क का निर्माण भी सीपीए ने कुछ चुनिंदा लोगों के दबाव में कर दिया तो आने वाले समय में फॉरेस्ट कवर के एक बड़े क्षेत्र का नष्ट होना तय है। इसके पहले भी एक स्कूल और एक अन्य शैक्षणिक संस्थान को वन्य जीवन को नष्ट कर इस क्षेत्र में बनाया गया है।  

यह भी पढ़ें : स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट : शिफ्टिंग के नाम पर कत्ल किए जा रहे 850 हरे-भरे वृक्ष

टाइगर टेरिटरी है यह क्षेत्र : 
यह क्षेत्र टाइगर टेरिटरी के रूप में भी जाना जाता है। जब Agnito Today ने यहां के सुरक्षाकर्मियों से बात की तो उन्होंने बताया कि यहां अक्सर रात के समय बाघ और तेंदुए को घूमते हुए देखे जा सकते हैं। हिरण और नीलगाय के अलावा खरगोश, मोर और अन्य वन्य जीव भी यहां पर हैं। वहीं सुरक्षाकर्मियों के कारण रात में असामाजिक तत्व भी यहां से दूर रहते हैं, जिससे वन्य जीवों की सुरक्षा सुनिश्चित होती है। 


जानकारों के अनुसार यदि इस क्षेत्र से सड़क निकाल दी गई तो बाघ की सुरक्षा करना मुश्किल होगा। साथ ही अन्य वन्य जीवों के भी वाहनों से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त होने की संभावना बढ़ जाएगी।

यह भी पढ़ें : भोपाल की एक तिहाई आबादी पी रही सीवेज मिला पानी

वाल्मी ने 36 सालों में विकसित किया है घना जंगल : 
वाल्मी ने इस क्षेत्र में जल संरक्षण के लिए तालाब, जल निकास और नाली उपचार कार्य, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन तकनीक के प्रदर्शन, मधुमक्खी पालन और प्रशिक्षण केंद्र, मशरूम उत्पादन और प्रशिक्षण केंद्र, मछली पालन और प्रशिक्षण केंद्र के साथ, फलदार वृक्षों के बगीचे, नेनो वाटर शेड के साथ लगभग 36 सालों में यहां हाई डेनिसिटी फॉरेस्ट कवर को भी विकसित किया है। 

(वाल्मी द्वारा यहां निरंतर पौधरोपण किया जाता है, जिससे यहां लगातार ग्रीन कवर बढ़ रहा है।)

किसी बड़े शहर के आसपास या बीचाें बीच इस तरह की इकाई का होना बहुत आवश्यक है। शहर के रोजाना के प्रदूषण को अवशोषित करने के लिए इस तरह के सिटी फॉरेस्ट बहुत आवश्यक होते हैं। 

125 वनस्पतियों और 27 सरिसृपों का है ठिकाना : 
इस क्षेत्र में 125 से ज्यादा प्रकार की वनस्पतियों के साथ ही 27 सरिसृपों का ठिकाना है। अक्सर ये जीव दिन में भी देखे जा सकते हैं और सर्दियों के दौरान यहां प्रवासी पक्षी भी रुकते हैं। निर्माण कार्य होने से इन सभी के यहां से चले जाने की संभावना व्यक्त की जा रही है। वहीं रात में शाकाहारी वन्य प्राणी भोजन की तलाश में यहां घूमते हुए देखे जा सकते हैं। 

(रात के समय इस क्षेत्र में जंगली जानवर भोजन की तलाश में आते हैं, सुबह उनके पैरों के निशान और मल मूत्र से उनके आवागमन की जानकारी यहां के सुरक्षाकर्मियों को होती है)

यह भी पढ़ें : मिसरोद में 70 से 200 साल पुराने 20 से ज्यादा पेड़, संरक्षित किए जाने की जरूरत

About author