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Mumtaz Making The World Aware Of Madhya Pradesh's Bagh and Chanderi -
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Mumtaz Making The World Aware Of Madhya Pradesh's Bagh and Chanderi

Mumtaz Making The World Aware Of Madhya Pradesh's Bagh and Chanderi

मप्र के बाग और चंदेरी को खादी की दुकान से निकालकर बड़े-बड़े फैशन वीक्स तक ले जाने का काम करने वाले मुमताज खान आज न केवल मप्र का बल्कि पूरे भारत में फैशन की दुनिया का एक चमकता हुआ सितारा हैं। हालांकि मुमताज ने अपने कैरियर की शुरूआत एक फैशन डिजाइनर के तौर पर नहीं की थी, बल्कि हॉलीवुड की एक मूवी में कॉस्ट्यूम डिजाइनर के तौर पर उन्होंने अपने कैरियर को शुरू किया।

(फैशन डिजाइनर मुमताज खान)
कुछ ही दिनों में उन्होंने महसूस किया की फिल्मों में कास्ट्यूमिंग करना उनका काम नहीं है। इसके बाद उन्होंने फैशन डिजाइनर के तौर पर काम करना शुरू किया। कई वर्कशॉप और डिप्लोमा करने के बाद उन्होंने फैशन डिजाइनिंग का काम शुरू किया और उन्होंने अपने कैरियर की शुरुआत मुंबई से की। 
ऐसे की बाग और चंदेरी पर काम करने की शुरुआत :
मुमताज अपने पुराने दिनों को याद करते हुए बताते हैं कि एक बार की बात है कि मुंबई में फैब्रिक और प्रिंट्स पर एक नेशनल सेमिनार का आयोजन किया गया, जिसमें मैंने मप्र के फैब्रिक और प्रिंट्स के बारे में उन लोगों काे बताया लेकिन उन सबने मेरी बात को बिल्कुल भी नहीं सुना और ऐसा जताया कि मप्र इस क्षेत्र में बिल्कुल भी नहीं है। 
 

 
बस यहीं से मैंने अपने फैब्रिक पर काम करना शुरू कर दिया। इसके बाद मैंने बाग, माहेश्वरी पर काम करना शुरू किया। इन दोनों ही प्रोडक्ट्स को लोग बिल्कुल नहीं जानते थे। हालांकि चंदेरी को थोड़ी बहुत पहचान मिल चुकी थी। इसमें थ्री इडियट्स फिल्म का भी काफी योगदान है।

 
पहले फैशन वीक में दुनिया को दिखाया बाग और चंदेरी को :
इसके बाद जैसे ही उन्हें पहले फैशन वीक का ऑफर मिला, तो उन्होंने अपने आयोजनकर्ताओं को बताया कि वे कॉटन पर काम करते हैं। मुमताज के कई दोस्तों ने उन्हें इस फैसले को बदलने को कहा लेकिन वे अपने फैसले पर डटे रहे।

उन्होंने बैगम कलेक्शन के नाम से बाग, चंदेरी और माहेश्वरी प्रिंट्स को रैंप पर उतारा। हालांकि इस शो में मुमताज के बाद राॅकी एस अपना कलेक्शन प्रजेंट कर रहे थे। मुमताज को इस बात का भी काफी डर था। कहीं लोग उनके कलेक्शन को नकार न दें। लेकिन मुमताज का पहला ही शो काफी सफल रहा। लोगों ने उनके काम को बहुत सराहा और यहीं से उनका आत्म विश्वास और ज्यादा बढ़ गया।

 
मिस इंडिया और मिस्टर इंडिया के लिए पार्टिसिपेंट्स को करते थे तैयार :
मुमताज बताते हैं कि शुरुआत में उन्होंने मिस इंडिया और मिस्टर इंडिया के लिए पार्टिसिपेंट्स को तैयार करने का काम किया। उस दौर में पार्टिसिपेट करने वाला व्यक्ति कपड़े अपने साथ ही ले जाया करता था। इसी दौरान शाहवर अली मिस्टर इंडिया बने। इस दौरान मुमताज का नाम सामने आया।

इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और मुंबई में ही कई सेलिब्रिटीज के साथ काम करना शुरू कर दिया। धीरे धीरे भोपाल के लोगों को यह सब पता चला। फिर अपने शहर के लोगों की फरमाइश पर दो साल पहले भोपाल में अपना बुटीक शुरू किया।
 
 
मप्र के बाद अब गुजरात, राजस्थान और साउथ के प्रिंट्स पर कर रहे हैं काम :
मप्र के बाद मुमताज अब गुजरात के अजरक, राजस्थान का बगरू और साउथ की कलमकारी पर भी काम कर रहे हैं। इन चारों प्रिंट्स को मिलाकर भी काफी काम कर रहे हैं। कई फैशन शो में इन चारों प्रिंट्स को एक साथ भी प्रदर्शित किया है, जिसमें लोग इन चारों को एक साथ देख इन्हें पहचान भी नहीं पाते हैं।

साथ ही मप्र के डाबू, इंडिगो और भैरोगढ़ प्रिंट्स की जानकारी भी लोगों को दे रहे हैं। यही नहीं मुमताज ने कॉटन पर जरी जरदौजी करने की परंपरा भी शुरू की, जरी-जरदौजी एक महंगा काम है जो लोग महंगे कपड़ों पर करवाना पसंद करते हैं।
 
 

किसी नई विधा पर काम करें तो मिलेगी पहचान :
मुमताज नए फैशन डिजाइनर्स और स्टूडेंट्स को हमेशा एक ही बात कहते हैं कि पहले के डिजाइनर्स जिस फैब्रिक, प्रिंट और स्टाइल पर काम कर चुके हैं। उससे अलग हटकर कुछ नया काम करें। ऐसे उन्हें पहचान भी मिलेगी और उनके काम को लोग सराहेंगे। नया करने में कभी घबराएं न बल्कि जो मन में हो उसे लोगों के सामने जरूर लेकर आएं।

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