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Sharma Family Has Been Serving Chat For Four Generations, Shop Is More Than 70 Years Old -

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Sharma Family Has Been Serving Chat For Four Generations, Shop Is More Than 70 Years Old

Sharma Family Has Been Serving Chat For Four Generations,  Shop Is More Than 70 Years Old

लोहा बाजार स्थित शर्मा चाट काॅर्नर भोपाल में चाट की सबसे प्रसिद्ध दुकानों में से एक है। इसकी स्थापना 1950 में हरकिशन दास शर्मा ने की थी। हरकिशन जी की चाट के मुरीद भोपाल की कई शख्सियत रही हैं। उस दौर में जुमेराती और इसके आसपास के मार्केट में इतनी भीड़ नहीं होती थी, लोग आराम से खड़े होकर शर्मा जी की चाट का लुत्फ उठाते थे। 

चार पीढ़ियों से कर रहे हैं कचौड़ी और दही बड़े का व्यवसाय : 
दुकान के वर्तमान संचालक विजय कुमार शर्मा बताते हैं कि उनके दादा हरकिशन दास ने आगरा से आने के बाद चाट, दही बड़े और कचौरी का व्यवसाय शुरू किया था, जिसे उनके पिता गुलाबचंद शर्मा ने बखूबी आगे बढ़ाया, लेकिन वर्तमान में बाजार में बढ़ती भीड़ के कारण कचौरी बनाने में खासी परेशानी का सामना करना पड़ता है, जिसके कारण उन्होंने कुछ समय से इसे बनाना बंद कर दिया है। 

(अभिषेक शर्मा अपने चाचा संतोष शर्मा और पिता विजय शर्मा के साथ।)

विजय शर्मा के साथ उनके भाई संतोष शर्मा भी इसी काम को संभालते हैं। साथ ही आज कल पूरे काम की जिम्मेदारी विजय के बेटे अभिषेक के कंधों पर है। वे यहां दिन में 2 बजे से पानी-पुरी, दही खस्ता, दही करेला और छोले टिकिया का व्यवसाय करते हैं। गर्मी के दिनों में यहां दही बड़े की खासी मांग रहती है, जिसे खाने दूर-दूर से लोग उनके पास आते हैं। 

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यहां की पानी पुरी से मिर्च नहीं लगती : 
शर्मा जी की पानी पुरी की खासियत यह है कि इसे खाने से मिर्च नहीं लगती। अभिषेक बताते हैं कि इसे बनाने के लिए वे घर पर तैयार किए गए अमचूर, धनिया और पुदीना इस्तेमाल करते हैं। साथ ही इसमें मिर्च कम रखी जाती है, ताकि लोग पुदीने और अमचूर के जबरदस्त स्वाद का मजा ले सकें। 

(लोगों को पानी-पुरी खिलाते हुए अभिषेक शर्मा।)

साथ ही मीठा पानी गुड़ से तैयार किया जाता है। इसकी रेसिपी अभिषेक ने गोपनीय रखी है, ताकि आने वाली पीढ़ी भी चाहे तो इस अद्भुत स्वाद को बरकरार रख इस काम को आगे बढ़ा सकती है। 

लॉकडाउन के कारण बड़ी है परेशानी : 
विजय शर्मा बताते हैं कि वैसे तो उन्हें इस काम से कोई परेशानी नहीं है। उनकी 3 पीढ़ियां आराम से इस काम को करते हुए सुख से अपना जीवन यापन कर चुकी हैं, लेकिन लॉक डाउन के बाद आई तंगहाली के कारण उन्हें अपना खर्चा निकालना भी मुश्किल हो रहा है।

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